ग़रीबी और लोग👉👇
असल में जिंदगी वही होती है जो ग़रीबी सिखाती है।
एक वक्त की बात है जब जेब में पैसे नहीं थे। तब उस वक्त हमें कोई नज़र ही नहीं आता था?
ऐसा लगता था कि जैसे मानों मोहल्ला बस्ती के लोग,यार दोस्त, रिश्तेदार इस दुनिया में क्या कोई भी अपना नहीं है? पर पता नहीं आज ये समझ में नहीं आता है कि उस वक्त हम गरीबी में खाली थे या ये दुनिया या फिर इस दुनिया के लोग। मगर चलो जो भी है कहते हैं ना कि ये वक्त है जो हर लम्हा बदलता है। मगर आज के वक्त को देखकर हम सोच में ही डूब जाते हैं। कि ये जो लोग आज अपने पराए सब मौजूद हैं। सब नज़र आ रहे हैं। आज हर चीज़ में सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं। मगर ये भी आज समझ नहीं आ रहा है कि ये सब निकल कहां से आए हैं? क्या ये वही लोग हैं? जो एक छोटे से बच्चे को देखकर दरवाजे बंद कर लिया करते थे? क्या ये वही लोग हैं जिनके पास सब कुछ होते हुए भी एक छोटे से भूखे बच्चे को एक वक्त के नमक के चावल का इन्कार करके अपने घर से निकाल दिया करते थे? क्या ये वही लोग हैं जो चीज़ आने पर बच्चे को अपने घर से भगा दिया करते थे? क्या ये वही लोग हैं जो ताने दिया करते थे? अरे रूको भाई सुनो ज़रा हां! जी ये सब वही लोग हैं जो बच के निकल जाया करते थे। पर आज बस फर्क सिर्फ इतना है कि उस वक्त हमारी जेब गरीब थी और आज भरी हुई तो नहीं है मगर हां! जेब खाली भी नहीं है। बस आज हमारी जेब इतनी है कि जो लोग हमें भगा दिया करते थे।
हम उन्हें अपने दरवाजे से खाली पेट या मायूस कभी नहीं जाने देंगे? क्योंकि ऊंचाई पर पहुंचकर भी हमें आज भी अपनी ज़मीन की मिट्टी में ही रहना पसंद है?
एक बात याद रखिएगा जिसने कभी धूल नहीं खायी उसने कभी भूल नहीं की?
धूल खाने वालों को ही पता होता है कि ज़मीन से लेकर सपनों की उड़ान में कितनी दूरी होती है।
पर आज हम आभार व्यक्त करते हैं इन्हीं लोगों का जिन लोगों ने हमें यहां पहुंचा दिया। क्योंकि इन्हीं लोगों के उस वक्त नज़र ना आने पर ही आज हम नज़र आ पा रहे हैं? इसलिए याद रखें- आपकी जिंदगी में कभी कोई कुछ ग़लत नहीं कर सकता है बल्कि एक रास्ता दिखाकर ही जाता है जो हमें मिल नहीं रहा होता है और इससे ज्यादा कुछ नहीं?
इसलिए ग़लत में भी अच्छा करने की और अच्छी सोच विकसित करने की कोशिश करते रहना चाहिए क्योंकि जो बुरे वक्त में नज़र नहीं आते, एक दिन वही हमें पूरी दुनिया में नज़र आने देते हैं।
धन्यवाद जी 🙏
पूजा ग्वाल गोपा ✍🏻
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